अध्यात्म क्या है ?
अक्सर हम अध्यात्म को पूजा पाठ या कर्मकांड से जोड़कर देखते है परंतु क्या आप जानते हैं कि इसका वास्तविक मतलब क्या होता है जैसा कि इसके नाम सेही स्पष्ट हो रहा है {अधि+आत्म} अर्थात् खुद को देखना।
आज हम इस ब्लॉग में जानेंगे कि वास्तव में अध्यात्म है क्या?
अध्यात्म का अर्थ -
अध्यात्म का वास्तविक अर्थ ही यह है कि हम अपने आप को देखे, अपने ओर पास आ जाए , अपने आप से मुलाकात हो जाए। और इसका एकमात्र तरीका है आत्म अवलोकन , अर्थात् अपने ही कर्मों और विचारों का साक्षी होना। और जब हम आत्मज्ञान के प्रकाश में अपने आप को इस नजरिए से देखते है तो पाते है कि हमारे भीतर काफी कचरा भरा हुआ है
आधुनिक युग में अध्यात्म -
आज की भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में लोग दुनिया की चकाचौंध में अपने आप में मौजूद असली आनन्द को भूल चुके है। वर्तमान में अध्यात्म की जरूरत सबसे ज्यादा है तभी हम बाहर की परेशानियों के बीच में रहते हुए आंतरिक रुप से शांत रह सकते हैं।
अध्यात्म में दुखों का निवारण -
अगर हम ये जान जाए कि हम कौन है और हमने जन्म किस लिए लिया है तो लगभग सारी समस्याएं जो हमें आज बड़ी लग रही है उनसे छुटकारा पाया जा सकता है। जब व्यक्ति अध्यात्म के प्रवेश करता है तो सर्वप्रथम वह अपने बारे में बना रखी मान्यताओं का खंडन
अंत में, अध्यात्म कोई बाहरी उपलब्धि नहीं , एक आंतरिक यात्रा है यह किसी मंदिर या गुफा में जाने का नाम नहीं बल्कि अपने ही भीतर छिपे पर्दा को हटाने का नाम है। जिस दिन भ्रमों से दूर होकर हम अपने आप को वैसा देख लेंगे जैसे हम है। तो हमें आंतरिक शांति मिलेगी ।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें